जिंदगी इक किराये का घर है,
इक न इक दिन बदलना पड़ेगा।
मौत जब तुझको आवाज देगी,
घर से बाहर निकलना पड़ेगा !!
जिंदगी इक किराये का घर है,
इक न इक दिन बदलना पड़ेगा।
मौत जब तुझको आवाज देगी,
घर से बाहर निकलना पड़ेगा !!
उनके शब्दों में—“आज़ाद के अल्फ्रेड पार्क में शहीद होने के बाद इलाहाबाद के गांधी आश्रम के एक स...