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Sunday, 3 July 2011

साईं ने कहा है, कि......

"स्वयं कष्ट सहन कर मै अपने भक्तो का ध्यान रखता हूँ,

क्योकि भक्त मुझे अपने जीवन से अधिक प्रिय है"

Love Sai, Live in Sai...!!!
Jai Sai Bharat Prem...!!!

Tuesday, 19 January 2010

Wednesday, 28 October 2009

साईं ने कहा है : भाग - 204

साईं ने कहा है, कि.......
"मेरे बिना भक्त के लिए संपूर्ण विश्व ही उजाड़ है, वह केवल मेरी कथाओ का ही गुणगान करते है।"

Tuesday, 27 October 2009

साईं ने कहा है : भाग - 203

साईं ने कहा है, कि.....
"प्रेम और श्रद्धा भाव से किया गया, केवल एक नमस्कार ही प्रयाप्त है।"

Monday, 26 October 2009

साईं ने कहा है : भाग - 202

साईं ने कहा है, कि.....
"मुझे ही अपने विचारो व इच्छाओं का लक्ष्य बनाओ, तुम्हे परमार्थ की प्राप्ति होगी।"

Sunday, 25 October 2009

साईं ने कहा है : भाग - 201

साईं ने कहा है, कि....
"मस्जिद माई अपना ऋण मांगती है, इसलिए देनेवाला अपना ऋण चुकता कर मुक्त हो जाते है।"

Saturday, 24 October 2009

साईं ने कहा है : भाग - 200

साईं ने कहा है, कि.....
"यदि प्राप्ति की आशा करते हो तो अभी दान करो।"

Friday, 23 October 2009

साईं ने कहा है : भाग - 199

साईं ने कहा है, कि....
"दानी दान देता है और भविष्य में सुंदर उपज का बीजारोपण करता है।"

Thursday, 22 October 2009

साईं ने कहा है : भाग - 198

साईं ने कहा है, कि.....
"पिछले जन्मो के कर्मफल को भोग लेना ही मुक्ति का साधन है।"

Wednesday, 21 October 2009

साईं ने कहा है : भाग - 197

साईं ने कहा है, कि....
"द्वारकामाई अपने बच्चो को हर प्रकार कि खतरे व चिंता से दूर रखती है।"

Tuesday, 20 October 2009

साईं ने कहा है : भाग - 196

साईं ने कहा है, कि.....
"जो प्रेम और भक्ति के साथ ईश्वर का ध्यान करते है, प्रभु उनकी सदा सहायता करते है।"

Monday, 19 October 2009

साईं ने कहा है : भाग - 195

साईं ने कहा है, कि.....
"जो व्यक्ति अपनी बुद्धि द्वारा मन को वश में कर लेते है, वे अंत में लक्ष्य प्राप्त कर विष्णु लोक में पहुच जाते है।"

साईं ने कहा है : भाग - 194

साईं ने कहा है, कि.....
"आत्मज्ञान के लिए ध्यान आवयशक है।"

Sunday, 18 October 2009

साईं ने कहा है : भाग - 193

साईं ने कहा है, कि.....
"अहंकारी और विषयो में लिप्त व्यक्ति पर गुरु के उपदेशो तथा शिक्षा का कोई प्रभाव नही पड़ता।"

Saturday, 17 October 2009

साईं ने कहा है : भाग - 192

साईं ने कहा है, कि......
"धन के प्रति प्रेम, दुःख का गहरा भवर है, केवल इच्छा रहित व्यक्ति इस भवर को पर कर सकता है।"

Friday, 16 October 2009

साईं ने कहा है : भाग - 191

साईं ने कहा है, कि......
"आत्मानुभूति ना तो बुद्धि द्वारा और ना सूक्ष्म वेद अध्यन द्वारा सम्भव है, जिनपर ईश्वर कृपा होती है, केवल वे ही इसे प्राप्त करते है।"

Thursday, 15 October 2009

साईं ने कहा है : भाग - 190

साईं ने कहा है, कि.....
"आत्मज्ञान गूढ़ और रहस्यमय है, केवल अपने प्रयत्नं से उसकी प्राप्ति सम्भव नही, सिद्ध गुरु की सहायता परम आवश्यक है।"

Wednesday, 14 October 2009

साईं ने कहा है : भाग - 189

साईं ने कहा है, कि.....
"मैं शरीर हूँ एक भ्रम है और यही बंधन का कारण है, जीवन का धेय प्राप्त करने के लिए इस धारणा को त्याग कर दो।"

Tuesday, 13 October 2009

Monday, 12 October 2009

साईं ने कहा है : भाग - 187

साईं ने कहा है, कि.....
"ब्रह्मज्ञान या आत्मानुभूति का मार्ग सरल नही, वह तो तलवार की धार पर चलने के समान कठिन है।"

चंद्रशेखर आज़ाद के अंतिम संस्कार के बारे में जानने के लिए उनके बनारस के रिश्तेदार श्री शिवविनायक मिश्रा द्वारा दिया गया वर्णन पढ़ना समीचीन होगा:-

उनके शब्दों में—“आज़ाद के अल्फ्रेड पार्क में शहीद होने के बाद इलाहाबाद के गांधी आश्रम के एक स...