कबीर ने कहा है, कि.....
"जबहिं नाम ह्रदय धरा,भया पाप का नास ।
मानों चिनगी आग की,परी पुरानी घास ॥"
अर्थात -
जब भगवान का स्मरण मन से किया जाता है, तो सम्पूर्ण पाप जीव के नष्ट हो जाते है। जिस प्रकार एक आग की चिंगारी घास में गिर पङे तो क्या होगा उससे सम्पूर्ण घास नष्ट हो जाती है । इसलिए भगवान का स्मरण ह्रदय से करना चाहिये।
No comments:
Post a Comment