Saturday 24 January 2009

संत कबीर की अमृत वाणी

कबीर यहू घर प्रेम का, खाला का घर नाहिं,
सीस उतारे हथि करिः, सो पैसे घर माहि
Translation:
Kabir, this is the abode of loveNot the house of an auntOnly that one can enter hereWho has relinquished all pride.

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चंद्रशेखर आज़ाद के अंतिम संस्कार के बारे में जानने के लिए उनके बनारस के रिश्तेदार श्री शिवविनायक मिश्रा द्वारा दिया गया वर्णन पढ़ना समीचीन होगा:-

उनके शब्दों में—“आज़ाद के अल्फ्रेड पार्क में शहीद होने के बाद इलाहाबाद के गांधी आश्रम के एक स...